www.drarunkumarshastri एक अबोध बालक // अरुण अतृप्त
मै अघोरी तू अघोरी
एक रोटी की चटोरी
नन्ही सी ये जान मेरी
पूछ् क्या है पूछना
एय जगत कर्म का धर्म का न्याय का
कर सुनिश्चित सर्व प्रथम एक रोटी
कर सुनिश्चित सर्व प्रथम एक रोटी
बात करना बाद में
मुझसे नोगोडी
मै अघोरी तू अघोरी
एक रोटी की चटोरी
नन्ही सी ये जान मेरी
drarunkumarshastri एक अबोध बालक // अरुण अतृप्त

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